मोरवन। भारतीय सीमा सुरक्षा बल नव आरक्षक में देश सेवा की शपथ लेकर बुधवार को कविता बैरागी पहली बार नगर में पहुंची। जहां नगर वासियों ने कविता बैरागी का फूलों से जोरदार स्वागत किया। दोपहर 3.00 बजे कविता बड़े मंदिर पहुंची जहां लक्ष्मी नाथ भगवान के दर्शन कर बड़े मंदिर से डीजे के साथ पूरे गांव में जोरदार जुलुस निकाला गया जिसमें जगह-जगह ग्रामीणों ने नव आरक्षण कविता रागी का स्वागत किया डीजे की धुनों ने पूरे गांव को देश भक्ति की भावना से भर दिया। गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2023 को कविता बैरागी का चयन भारतीय सीमा सुरक्षा बल में हुआ था 11 महीनों की ट्रेनिंग कर 16 नवंबर को बीएसएफ खड़का कैंप में देस सेवा की शपथ ली।
क्षेत्र की पहली महिला बीएसएफ आरक्षक-
यूं तो देश सेवा में मोरवन सहित आसपास से सैकड़ो की संख्या में नो जवान देस सेवा का जज्बा लिए भारतीय सेना ने अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन महिला में पहली सैनिक महिला का नाम कविता बैरागी का है।जो देस सेवा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुई हे।
बचपन से ही देश सेवा का जुनून था कविता में- गणपत दास
कविता बचपन से ही देश सेवा का जुनून था और देश की सेवा करना चाहती थी हम ने भी हमेशा उसे देश सेवा के लिए प्रेरित किया आज वह मेहनत कर अपने मुकाम पर पहुंची है हमें उस पर गर्व है।
माता पिता के आशीर्वाद से आज में यहां तक पहुंच पाई हूं-कविता बैरागी
हमेशा मेरे माता पिता ने मुझे बेटे की तरह पाला पोसा है। आज में जो भी हु उन्हीं के आशीर्वाद से हु।मेरा मार्गदर्शन कर मुझे देश सेवा के लिए प्रेरित किया।मेरा पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित है।