नीमच। जीवन में चाहत अच्छी होना ही काफी नहीं है। आपका आचरण भी अच्छा होना चाहिए। आचरण अच्छा होगा, तो लोग आपको पूछेंगे और अच्छे आचरण का आपको लाभ भी मिलेगा। इसी तरह देवता किसी भाषा को नहीं समझते हैं, वे भक्त के भाव को समझते हैं।
यह अमृत विचार सनातन सर्वधर्म भैरव भक्ति महोत्सव के 7वें दिन भैरव महापुराण कथा में व्यक्त किए। गुरूदेव ने कहा कि पति-पत्नी के रिश्ते और व्यवहार को लेकर कहा कि पति फायदा उठाने की वस्तु नहीं है, वह तो पत्नी को माँ बनने की पदवी देने वाला व्यक्ति होता है। इसलिए कभी पति किसी भी बात पर विवाद करने और अपनी चाहते उसके समक्ष रखने से पहले मन में विचार करें। राष्ट¬ संत ने कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति यह बात ध्यान रखे कि किसी को अपनी बात से रिझाने की जरूरत नहीं है। अगर आपका आचरण अच्छा है, तो स्वतः दुनिया आपकी ओर आर्कषित होगी। उन्होंने कहा कि मुंह से अपने आपको साबित नहीं करें, आपके कर्म ही आपको साबित करेंगे।
आप किसी पर उंगली उठाओगे, तो आप पर भी उंगली उठेगी-
गुरूदेव ने कहा कि दुनिया का कायदा है। अगर आप किसी पर एक उंगली उठाओगे, तो आप पर भी तीन उंगलिया उठेगी। गुरूदेव ने दान पुण्य के प्रसंग पर कहा कि ऐसा कौन व्यक्ति है, तो अपने साथ सुई लेकर उपर जाएगा। जितना भी धन अर्जित किया है, वह सब यहीं रह जाएगा। खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाआगे, लेकिन आपने जीवन में जो पुण्य कमाया है, उसके कोई भी आपके साथ जाने से रोक नहीं पाएगा।
देवों की पूजा शब्दों से हाथ की मुद्राओं से होती है-
कथा में राष्ट¬ संत ने कहा कि विश्व में एक मात्र सनातन धर्म ऐसा है, जिसमें देवताओं की महिमा है। इस मौके पर उन्होंने आकाश भैरव के स्वरूप से भी भक्तों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आकाश भैरव के एक हजार हाथ व तीन हजार आंखे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में भगवान के लिए समय निकालना चाहिए। मेरा उद्देश्य धन कमाना नहीं है। मेरा उद्देश्य तो पूरे भारत में सनातन सर्वधर्म एकता का संदेश देना है। मैं भक्ति करने का काम करता हूं और वह जीवन भर करता रहूंगा। कथा में गुरूदेव ने भक्तों को विघ्न मुद्रा भी सिखाई और उससे होने लाभ से भक्तों को अवगत कराया।
भंडारे में उमड रहा है भक्तों का सैलाब-
भैरव भक्ति महोत्सव के तहत दशहरा मैदान में शाम 6 से रात्रि 10 बजे तक भैरवनाथ का भव्य भंडारा भी किया जा रहा है, जिसमें प्रसादी ग्रहण करने भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। प्रसादी ग्रहण करने उत्साह का माहौल ऐसा है कि लंबी-लंबी कतारे लगी रही है। भारी भीड़ के कारण अव्यवस्थाएं न हो, इसके लिए भैरव भक्ति महोत्सव की भोजन समिति लगातार सक्रिय रहती है। ताकि किसी को भी प्रसादी ग्रहण करने के दौरान परेशान नहीं होना पड़े।