निवाड़ी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू जागरूकता पदयात्रा का आज सातवां दिन है। बुधवार को धीरेंद्र शास्त्री 17 किलोमीटर चलेंगे। सुबह उन्होंने सड़क पर बैठकर नाश्ता किया। यात्रा उत्तर प्रदेश के सकरार पहुंच गई है। यहां लंच के बाद यात्रा मुरारा गांव होते हुए यात्रा शाम को निवाड़ी के रेस्ट हाउस पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम होगा। यात्रा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नारा दिया कि जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई। बाबा बागेश्वर का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य राजनीतिक नहीं है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को संगठित रहने की सलाह दी
बुधवार को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पदयात्रा के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार को लेकर हिंदुओं को संगठित रहने की सलाह दी। साथ ही सामाजिक कुरीतियों को त्यागने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू कम हो रहा है। हिंदू जातियों में बंट गया है। बांग्लादेश के हिंदुओं पर अत्याचार हुआ, सबने देखा। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। सब हिंदू एक होकर बताएंगे।
उन्होंने कहा कि गांव में जो छूआछूत और जात पात का रोग है, उसे ही दूर करने के लिए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि क्या तुम भी भारत को बांग्लादेश बनाना चाहते हो, क्या तुम चाहते हो तुम्हारी बहन बेटी लव जिहाद में पड़े, तुम्हारी जमीन पर दूसरा कब्जा करे? इनसे बचने के लिए सड़कों पर उतरना होगा। सभी को संगठित होना पड़ेगा।
जात-पात को सबसे बड़ा विभाजन बताया
उन्होंने कहा कि मंदिरों में लिखा हो कि जूते-चप्पल उतारकर आएं, लेकिन अब यह भी लिखा जाए कि जात-पात छोड़कर आएं। उन्होंने यह भी जोड़ा, हर व्यक्ति के मन से यह सोच मिटनी चाहिए कि कोई बड़ा है या छोटा। हम सब राम के हैं और राम हम सबके हैं। 9 दिन की यात्रा का विराम दो दिन बाद हो जाएगा, लेकिन जीवन का विराम भी एक दिन जरूर आएगा।
दलित समाज के लिए संदेश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सरकार और राजनीति ने समाज को दलित बना दिया है। जब किसी दलित की बारात को घोड़ी से उतारा जाता है, तो यह हिंदू समाज के लिए शर्म की बात है। ऐसे समय में जात-पात और छूआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने शबरी और राम के उदाहरण देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम शबरी में दीनता और राम में प्रबुद्धता देखें। समाज को समानता और सम्मान के साथ आगे बढ़ना होगा।