मन्दसौर। रेबारी जो ऊँट के माध्यम से अपना रोजगार करते है लेकिन वहीं ऊँट जब दुर्घटना में घायल हो गया तो रेबारी (मालिक) उसे मरने के लिये छोड़कर चला गया। घायल व बदहाल ऊँट उपचार के अभाव में चल बसा। जिसकी सूचना गौ आरोग्य सेवा समिति को मिलने पर समिति के अध्यक्ष ओम बड़ोदिया ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर ऊँट का अंतिम संस्कार किया।

समिति अध्यक्ष एवं पशु प्रेमी ओम बड़ोदिया ने बताया कि जानकारी एकत्र करने पर ज्ञात हुआ कि रेबारी सालुराम निवासी राजस्थान का ऊँट सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इस घटना में उसका पैर टूट चुका था, पेट में भी घाव हो गया था। गर्द में भी चोंटे आई थी। ऊँट बुरी तरह घायल हो चुका था जिसे तत्काल उपचार की आवश्यकता थी लेकिन रेबारी ने उसका उपचार कराने की बजाय उसे दुर्घटना स्थल पर ही छोड़कर चला गया। घटना की जानकारी कुछ लोगों द्वारा मुझे दी गई। जब मैं दुर्घटना स्थल पहुंचा। मेरे द्वारा पशु विभाग एवं 1962 एम्बुलेंस को फोन किया। लेकिन जब तक वहां की टीम एवं एम्बुलेंस पहुंची तब तक ऊँट की जान जा चुकी थी। ऊँट के शव को नगरपालिका के वाहन से ले जाकर जेसीबी मदद से गड्डा खोदकर बायपास स्थित नवलखा बीड़ पर उसको दफनाया गया।
बड़ोदिया ने कहा कि लगातार पशुओं के प्रति जिम्मेदारों की अनदेखी चिंताजनक है। जिस पशु का उपयोग कर रोजगार किया जाता है उसे ही घायल होने पर छोड़ देना मानवीयता नहीं है। ऐसे पशु मालिकों पर दण्डात्मक कार्यवाही होना चाहिए। साथ ही जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह है कि शासन द्वारा मंदसौर नगर या आसपास जमीन उपलब्ध कराई जाये जिसमें बीमार पशुओं को रखकर उनका उपचार किया जा सके। तथा नागरिकों से निवेदन किया घायल पशु दिखने पर मो.नं. 7999778926 पर सूचना दे जिससे उसको तुरंत उपचार उपलब्ध कराया सके।
