खरगोन। कसरावद नगर के आदर्श मोहल्ला में पांच दिवसीय प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिवस कथाकार रामलाल पटेल ने परिवार प्रकरण पर उपदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार से राष्ट्र का संचालन किया जाता है उसी तरह परिवार का भी संचालन किया जाए तो वह स्वर्ग बन जाए। उन्होंने कहा कि प्यार और सहकार से भरा परिवार ही धरती का स्वर्ग है। उन्होंने बताया कि परिवार की एकता बनाए रखने के लिए अधिकार नहीं बल्कि कर्तव्यों की बात होना चाहिए।
पटेल ने परिवार में संगठन की शक्ति पर बात करते हुए कहा कि रेगिस्तान भी हरे हो जाते हैं, जहां अपने खड़े हो जाते हैं। जहां संगठन नहीं होता वहां हार का सामना करना पड़ता है। पांच पांडवों ने इसी संगठन शक्ति के बलबुते सौ कौरवों को हराया था। उन्होंने कहा कि परिवारों में संस्कारों की पाठशाला भी होना चाहिए क्योंकि संस्कारों से मनुष्य की क्वालिटी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि परिवार में मां बाप का दर्जा भगवान से भी ऊपर है। इसलिए जीवन में मां बाप का निरादर कभी नहीं करना चाहिए।