चित्तौड़गढ़। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय कल्याण लोक निंबाहेड़ा में 11 दिसंबर मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी गीता जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में गीता का आधुनिक महत्व एवं मानव समाज पर प्रभाव विषय पर एक लघु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कैलाश चंद्र मुंदड़ा रहें। उन्होंने गीता का आधुनिक परिपेक्ष में महत्व प्रतिपादित करते हुए ज्ञान योग, भक्ति योग, कर्म योग का महत्व बताते हुए मानव समाज पर होने वाले प्रभाव का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि गीता ग्रंथ केवल पढ़ने का विषय नहीं हैं। इसे हम मानव समाज को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता हैं तथा अन्य वक्ता के रूप में डॉ ललित किशोर शर्मा विभागाध्यक्ष ज्योतिष ने गीता एवं ज्योतिष का संबंध बताते हुए कहा मानव किस प्रकार गीता के 18 अध्याय द्वारा अपनी कुंडली के बारह भावों को सही करने उपाय कर सकता हैं। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ लोकेश चौधरी योग विभागाध्यक्ष के द्वारा किया गया तथा इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिसर के सभी शैक्षणिक कर्मचारी एवं विद्यार्थी, अतिथिगण सम्मिलित रहे। अन्त में शांति पाठ के द्वारा संगोष्ठी का समापन किया गया।