सेगांव। ज्ञात हो बुधवार को मोक्षका एकादशी पर निमाड़ की पहचान, देशभर में विख्यात परम संत श्री सियाराम बाबा का देवलोकगमन हो गया। जिससे समूचा निमाड़ सक्ते में हो गया। माँ रेवा के अनमोल मोती को भी काल के गाल में समा लिया। पुराण बताते है कि मृत्यु अटल सत्य है। ओर कुछ साथ नही जाता। मनुष्य खाली हाथ आया, खाली हाथ ही जायेगा। जिसका जन्म हुआ है उसे एक दिन मरना ही है। यही विधि का विधान है। एकादशी को निमाड़ के परम् संत का प्रभुमिलन होने के बाद जगह जगह उनके श्रद्धालुओं व अनुयायियों द्वारा विभिन्न आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी कड़ी में नगर में भैरव चौक (बस स्टैंड) पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
वही रात्रि में ग्रामवासियों द्वारा निमाड़ के भजन गायक पीयूष कुशवाह व टीम द्वारा संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ व भजन संध्या का आयोजन कर बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर हठीले रंजीत हनुमानजी मंदिर के सीताराम बाबा,निमाड़ के श्री राम कथा वाचक मोहन भाईजी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।