निमाड़। प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा 11 दिसंबर को खरगोन के कसरावद तेली भट्यान में नर्मदा तट पर स्थित आश्रम में ब्रह्मलीन हो गए। निधन से उनके अनुयायियों में शोक है। सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
आश्रम से जुड़े सेवादारों का कहना है कि बाबा को अपने अंतिम समय का आभास पहले ही हो गया था। उन्होंने इसके संकेत भी दिए थे। अपने कमरे में गादी के पास ईंट की दीवार भी बनवा ली थी।
बाबा सिर्फ कर्म में विश्वास करते थे। भक्तों को आशीर्वाद के रूप में अच्छे कर्म करने के लिए कहते थे। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम भगवान के दर्शन की इच्छा जताई थी, जो अधूरी रह गई।