भोपाल। मध्य प्रदेश मेंहवाओं का रुख बदलने के कारण न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। इससे कड़ाके की ठंड से लोगों को काफी राहत मिली है। गुरुवार को शहडोल एवं सिवनी में शीतलहर का प्रभाव रहा। हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस पर रहा। मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश के प्रमुख जिलों के न्यूनतम तापमान को देखें तो मंडला में 4.5, उमरिया में 5.3, जबलपुर में 6.4, नौगांव में 5.4, भोपाल में 6.4, ग्वालियर में 6.4, इंदौर में 11.8, रायसेन में 7.6, राजगढ़ में 5.6, उज्जैन में 9.8, खजुराहो में 5.6, जबलपुर में 6.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवाओं का रुख बदल गया है। इस वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम बना हुआ है।
अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवाओं का रुख पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है। इस वजह से प्रदेश में रात का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। हालांकि दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर प्रेरित चक्रवात का प्रभाव भी समाप्त हो जाएगा।इसके बाद भी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से हवाओं रुख इसी तरह बना रहने के आसार हैं। इस वजह से रात के तापमान में विशेष कमी आने की संभावना नहीं है। उधर, 27 दिसंबर को एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने के भी आसार हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, शिवपुर कला, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले शामिल है। हालांकि किसी भी जिले में शीत लहर या अन्य तरह की ठंड को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।