नीमच। नगरपालिका के पार्षद जनहित से ज्यादा स्वयं के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं नीमच नगर पालिका के पार्षदों की स्थिति यह हो गई है कि वह आमजन को ब्लैकमेल तक कर रहे हैं ऐसी परिस्थिति में शहर हित में ऐसी परिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाना चाहिए यह बात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व पार्षद एवं एडवोकेट अमित शर्मा द्वारा कही गई है।
उन्होंने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जहां एक और भारतीय जनता पार्टी चाल चरित्र और चेहरे की बात करती है वहां उनके पार्षदों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप खुलेआम लग रहे हैं वहीं दूसरी और जहां कांग्रेस पार्टी के पार्षदों को जनता ने विपक्ष में बिठाया है वह भी जनहित को ताक पर रखकर स्वयं के हितों की पूर्ति भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के साथ मिलकर करते हुए नजर आ रहे हैं । जिस प्रकार से नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान भी देखा गया था कि नगर पालिका अध्यक्ष को जितने भारतीय जनता पार्टी के पार्षद नहीं है उससे अधिक वोट प्राप्त हो गए थे उसके बाद भी कांग्रेस पार्षदों पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को वोट देने का आरोप लगा था।
वहीं नीमच नगर पालिका में हाल ही में विशेष सम्मेलन बुलाने के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के पार्षद एक दिखाई दिए वहीं नीमच नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा इस सम्मेलन का विरोध किया गया और परिषद के होने वाले सम्मेलन को अवैधानिक बताया जिस प्रकार की परिस्थितियों उत्पन्न हो रही है उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के पार्षद मिलजुल कर जनहित से ज्यादा स्वयं के हितों के कार्य में लगे हैं जिस प्रकार इन पार्षदों का आचरण है यह आचरण पार्षद पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। यदि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि इस मामले को गंभीरता से लें और शहर हित में वर्तमान परिषद को भंग कर दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों का जिस प्रकार का वर्तमान में आचरण है वह नीमच शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है एवं विशेष कर भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के आचरण से ईमानदारी का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब हो रही है और ऐसे में पार्टी की छवि बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।