उज्जैन। शासकीय जीवाजी वेधशाला में शनिवार को खगोलीय घटना को समझने के लिए सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स पहुंचे। 21 दिसंबर को सूर्य के मकर रेखा पर लम्बवत होने से दिन की अवधि सबसे छोटी और रात की अवधि करीब तीन घंटे बड़ी रहेगी। इस खगोलीय घटना के बारे में समझने के बाद विद्यार्थी परीक्षा भी देंगे।
21 दिसंबर को होने वाली खगोलीय घटना देखने के लिए शनिवार को शहर के पांच सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स शासकीय जीवाजी वेधशाला पहुंचे थे। वेधशाला के अधीक्षक डॉ.आरपी गुप्त ने बताया कि 21 दिसंबर को सूर्य के मकर रेखा पर लम्बवत होने से इस दिन सूर्य की क्रान्ति 23 अंश 26 कला 16 विकला दक्षिण होगी।
जिससे भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में स्थित देशों में सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात होगी। 21 दिसम्बर को उज्जैन में सूर्याेदय 7 बजकर 4 मिनट पर हुआ। सूर्यास्त 5 बजकर 45 मिनट पर होगा। जिससे दिन की अवधि 10 घंटे 41 मिनट तथा रात की अवधि 13 घंटे 19 मिनट की होगी।
21 दिसम्बर को सूर्य सायन मकर राशि में प्रवेश करेगा। 21 दिसम्बर के बाद सूर्य की गति उत्तर की ओर होना प्रारम्भ हो जाती है, जिसे सायन उत्तरायण का प्रारम्भ कहते हैं। सूर्य की उत्तर की ओर गति होने के कारण अब उत्तरी गोलार्ध में दिन धीरे-धीरे दिन बड़े होने लगेंगे तथा रात छोटी होने लगेगी। 20 मार्च 2025 को सूर्य विषुवत रेखा पर लम्बवत होगा। तब दिन-रात बराबर होंगे। इन स्टूडेंट्स की खगोलीय ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रथम तीन स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।