नीमच। गौसेवा से परम् सूख और आत्मशांति और आनंद की अनुभूति होती है। इसी परम् सूख के लिये भगवान श्री कृष्ण ने साक्षात गो वत्स बनने के लिए ही ब्रह्मा जी को मोहित कर ग्वाल बाल और गो वत्सों का अपहरण करवाया और जो गोपियां है उन्होंने कभी किसी विद्यालय का दर्शन नहीं किया उनके पास देवगुरु बृहस्पति जी के शिष्य उद्धव जी आकर चेले बने यही गो की महिमा है।
उक्त विचार नीमच के समीपस्थ ग्राम लेवड़ा में स्थित श्री गोपाल गौशाला में गो प्रसादम् परिवार द्वारा निराश्रित बीमार गौवंश के लिए सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भेंट कार्यक्रम में गौ प्रसादम् परिवार के मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय गौसेवा संघ के राष्ट्रीय गौकथा प्रवक्ता एवं प्रचारक दशरथानंद सरस्वती ने व्यक्त किए।
कंबल भेंट कार्यक्रम में विशेष रूप से पं. परशराम शर्मा, पं. भागीरथ शर्मा, पं. दिनेश ग्लास वाले, पं. दिनेश शर्मा, फुलचंद धाकड़ सहित अन्य गौ भक्तों की सहभागिता रही। श्री गोपाल गोशाला लेवड़ा समिति की ओर से व्यवस्थापक पवन शर्मा ने गौ सेवार्थ आए गौ भक्त अतिथियों का स्वागत किया और आभार जताते हुए कहा कि गो प्रसादम् परिवार की पहल से समाज में गोवंश के प्रति जागरूकता आएगी। उक्त जानकारी गौ प्रसादम परिवार के जिला मीडिया प्रभारी दिलीप पाटीदार जावी ने दी।