नीमच/मनासा। मनासा आंचल के किसानों पर किस्मत ने एक बार फिर दोहरी मार की है। सोयाबीन की फसल लगभग कटाई की स्थिति में थी, लेकिन पहले पीला मौजा बीमारी ने 80 प्रतिशत फसल बर्बाद कर दी और अब बची-खुची फसल भी बारिश में डूबकर नष्ट हो गई।
शनिवार को हुई तेज बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। खेतों में कटी हुई सोयाबीन की ढेरियां पानी में भीगकर खराब हो गईं। कई गांवों में सड़कों पर पानी भर जाने से संपर्क मार्ग टूट गए और ग्रामीणों का आवागमन भी बाधित हो गया।
देवरी खवासा, लोडकिया, महागढ़, रायसिंहपुरा, खेड़ी बनी, बड़कुआ, लसूडिया खजूरी और आंतरी सहित आसपास के गांवों में किसानों की मेहनत पानी में बह गई। खेतों में बर्बाद पड़ी फसल को देखकर किसान गमगीन हो उठे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
किसानों का कहना है कि सालभर की मेहनत और हजारों रुपए खर्च करने के बाद अब उनके हाथ खाली रह गए हैं। बीमारी और बारिश ने मिलकर उनकी आजीविका पर गहरी चोट पहुंचाई है।