नीमच। कांग्रेस के युवा एवं किसान नेता एडवोकेट रमेश राजोरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को गुमराह कर रही है और उनके हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की थी कि 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश के किसानों को एक क्लिक में मुआवजा राशि वितरित की जाएगी, लेकिन नीमच जिले के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।
राजोरा ने कहा कि “कागजातों की पूर्ति के नाम पर किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जबकि राजस्व विभाग के पास सभी किसानों का पूरा डेटा पहले से मौजूद है। सरकार बार-बार नई योजनाओं और केवाईसी के नाम पर किसानों से कागज मांगती रहती है, लेकिन जब मुआवजा देने की बारी आती है तो बहाने बनाए जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि “उद्योगपतियों का कर्ज माफ करने में भाजपा सरकार को किसी कागज की जरूरत नहीं होती, तो किसानों को राहत देने के लिए इतनी जटिल प्रक्रिया क्यों?”
राजोरा ने याद दिलाया कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने बिना सर्वे के भी किसानों को मुआवजा दिया था, जबकि भाजपा सरकार कागजी औपचारिकताओं में किसानों को उलझा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में सभी किसानों को समान रूप से मुआवजा नहीं दिया गया, तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।