कुकडेश्वर। विधानसभा के ग्राम बामणी के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे सुरेश धनगर आज कांग्रेस संगठन में एक सशक्त और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। ज़मीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाले सुरेश धनगर ने हमेशा समाज सेवा को अपना ध्येय माना और इसी सोच के साथ युवाओं और किसानों की आवाज़ बनकर उभरे।
कॉलेज जीवन से ही उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। छात्र संघ चुनावों में एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने छात्रों के हितों की मज़बूती से पैरवी की। कॉलेज मनासा में उपाध्यक्ष बने और वहां से उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
युवक कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष, जनपद सदस्य, जिला कांग्रेस सचिव और किसान कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को नई दिशा दी। उनकी कार्यशैली, ईमानदारी और मेहनत के चलते उन्हें 2015 से अब तक तीसरी बार पुनः किसान कांग्रेस अध्यक्ष बनने का अवसर मिला यह उनकी लोकप्रियता और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है।
सुरेश धनगर केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के बीच उनकी गहरी पैठ है। धनगर-गायरी समाज के जिला अध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश महासचिव के रूप में वे समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
उनका लक्ष्य स्पष्ट है “समाज सेवा, गरीबों की मदद और किसानों की आवाज़ बनना।”
कांग्रेस पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा के साथ उन्होंने विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
ग्राम बामणी के इस समर्पित कार्यकर्ता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि नीयत साफ़ हो और लक्ष्य समाज की सेवा का हो, तो किसी भी व्यक्ति के लिए राजनीति एक सेवा का माध्यम बन सकती है।
सुरेश धनगर आज भी उसी विनम्रता और जनसेवा की भावना के साथ कांग्रेस के सिद्धांतों को धरातल पर उतारने में जुटे हैं।