जावरा/रतलाम। जावरा क्षेत्र में रविवार रात ग्रामीणों ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम पर पथराव कर दिया। टीम डोडाचूरा तस्करों का पीछा कर रही थी, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें तस्कर समझकर हमला बोल दिया। टीम द्वारा बार-बार अपनी पहचान बताने पर पथराव रुका। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

तस्करों की ब्रेजा कार का पीछा-
नीमच एनसीबी को सूचना मिली थी कि ब्रेजा कार (एमपी 09 सीयू 7684) में कुछ लोग डोडाचूरा की तस्करी कर रहे हैं। इसके आधार पर टीम के सदस्य स्कॉर्पियो और थार में सवार होकर कार का पीछा कर रहे थे। तस्करों ने गति बढ़ाकर कार को नीमच से रतलाम की ओर दौड़ा दिया।

फायरिंग की बात ने भड़काया भीड़-
तीनों गाड़ियाँ तेज गति से रोला गांव के बस स्टैंड की ओर बढ़ीं। आगे निर्माणाधीन रुपनिया नदी पुल के पास रास्ता बंद होने के कारण तस्करों की ब्रेजा कार फंस गई। आरोपी कार छोड़कर भाग निकले। एनसीबी की दोनों गाड़ियाँ भी वहीं रुक गईं। ग्रामीणों को लगा कि कार नदी में गिर गई है। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने “फायरिंग” होने की बात कही, जिसके बाद भीड़ भड़क गई और एनसीबी की दोनों गाड़ियों पर पत्थर बरसाने लगी। पथराव में टीम की गाड़ियों के कांच फूट गए।

बायपास की जानकारी न होने से तस्कर फंसे-
ग्रामीणों के मुताबिक ब्रिज के निर्माण के कारण करीब 200 मीटर पहले बस स्टैंड से सीतामऊ की ओर जाने के लिए बायपास बना हुआ है, जिसकी जानकारी तस्करों को नहीं थी। वे सीधे ब्रिज की तरफ चले गए और बंद रास्ते में फंस गए। उनके पीछे पीछा करती एनसीबी की गाड़ियाँ भी पहुंच गईं। एनसीबी टीम ने चिल्लाते हुए अपनी पहचान बताई कि वे नीमच से तस्करों का पीछा कर रहे हैं। इस दौरान किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंच गया।

कार से डोडाचूरा जब्त, तस्कर फरार-
पुलिस ने स्थिति संभालने के बाद एनसीबी टीम ने तस्करों की ब्रेजा कार की डिक्की से डोडाचूरा जब्त किया। फिलहाल इसकी मात्रा का खुलासा नहीं हुआ है। टीम तस्करों की तलाश में जुटी है।

अधिकारियों ने दी जानकारी-
रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद ने कहा कि ग्रामीणों के बयान लिए गए हैं, किसी ने भी हवाई फायरिंग की बात नहीं कही। एनसीबी के इंस्पेक्टर दिपांशु मिश्रा ने कार और डोडाचूरा जब्त किया है। वहीं जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय ने कहा कि वीडियो में किसी के फायरिंग की बात कही गई है, इसकी जांच की जाएगी। ग्रामीणों के बयानों में फायरिंग का उल्लेख नहीं है।
