चित्तौड़गढ़। वॉट्सऐप पर महिला बनकर वीडियो कॉल कर लोगों को ब्लैकमेल कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य को साइबर थाना चित्तौड़गढ़ पुलिस ने अलवर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ निवासी पीड़ित ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 नवम्बर की रात 11.35 बजे उसके मोबाइल पर वॉट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल पर एक महिला उससे बातचीत करने लगी। कुछ देर बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल कर उस महिला ने धमकाया कि वह बातचीत और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगी।
घबराकर पीड़ित ने कॉल और मैसेज डिलीट कर नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद उसे अन्य नंबरों से कॉल आने लगे जिनकी डीपी पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगी थी। कॉल करने वाले ने वीडियो यूट्यूब पर अपलोड नहीं करने के नाम पर पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करवा लिए। खुद के साथ साइबर ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाना पहुंचकर रिपोर्ट दी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिपाठी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश दिए। एएसपी सरिता सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला और डीएसपी गिरिराज गर्ग के सुपरविजन में साइबर थाना टीम हेड कांस्टेबल देउ, कांस्टेबल रामनिवास, अजीत गढ़वाल, संदीप और मुकेश ने तकनीकी जांच के आधार पर खाताधारक 26 वर्षीय महेंद्र कुमार बैरवा पुत्र रामकिशोर बैरवा निवासी न्यू कॉलोनी, कैमाला दैसुला, थाना वैशालीनगर, अलवर को डिटेन कर चित्तौड़गढ़ लाया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
तरीका-ए-वारदात
आरोपी व उसके साथी महिला बनकर वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करते हैं। बातचीत के दौरान पीड़ित का वीडियो रिकॉर्ड कर बाद में उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देते हैं। डराकर पीड़ित से वीडियो डिलीट करवाने के नाम पर रुपये ऐंठते हैं और साइबर ठगी को अंजाम देते हैं।