नीमच। ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कड़ा पलटवार करते हुए उन पर ओबीसी समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पटवारी के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कहा कि जीतू पटवारी का यह कहना कि मोहन यादव सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण मामले में कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ, पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से न्यायालय में वकील उपस्थित हुए, दलीलें रखी गईं और मामले में अगली तारीख भी तय हुई है, जो सभी रिकॉर्ड पर मौजूद है।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कहा कि जीतू पटवारी को सामने खड़ी सच्चाई दिखाई नहीं दे रही है। ओबीसी समाज इतना जागरूक और शिक्षित है कि वह झूठे बयानों में आने वाला नहीं है। पाटीदार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग के वास्तविक हितों की चिंता नहीं की।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जो ओबीसी समाज के लिए ऐतिहासिक कदम है। वहीं कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ओबीसी आरक्षण से जुड़ा मामला ठीक तथ्यों के साथ न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह विषय उलझ गया।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की, लेकिन इसके लिए आवश्यक संवैधानिक व कानूनी तथ्यों का समुचित अध्ययन नहीं किया गया। यदि उस समय सही तथ्यों के आधार पर कदम उठाए जाते, तो ओबीसी समाज को इसका वास्तविक लाभ मिल सकता था।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी पहले भी महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं और अब ओबीसी समाज जैसे बड़े वर्ग के मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता जागते हुए भी सोने का नाटक करता है, उसे सच्चाई समझाना सबसे कठिन होता है।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पाटीदार ने दोहराया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को गंभीरता से सुलझाने और समाज को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
