नीमच। विद्युत विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर सीटू (CITU) यूनियन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कार्यालय अधीक्षक मोहन सिंह को प्रस्तुत किया गया।
सीटू जिला महासचिव सुनील शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के संबंध में हाल ही में विधानसभा में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा यह बयान दिया गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की कोई योजना नहीं है। यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान इस बयान की ओर आकृष्ट किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा चुनाव पूर्व जारी घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से वादा किया गया था कि आउटसोर्स कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान वेतन दिया जाएगा तथा उनका नियमितीकरण किया जाएगा। नियमितीकरण प्रत्येक आउटसोर्स एवं अस्थायी कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधानसभा में यह जानकारी दी गई थी कि आउटसोर्स कर्मचारियों का दुर्घटना बीमा कराया गया है तथा कार्य के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, लेकिन नीमच जिले सहित प्रदेश में ऐसे कई मामले हैं, जिनमें आज तक पीड़ित परिवारों को दुर्घटना बीमा राशि नहीं मिल पाई है।
यूनियन ने मांग की है कि सरकार अपने घोषणा पत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण करे, उनका न्यूनतम वेतन 30,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए तथा दुर्घटना बीमा राशि बढ़ाकर 50 लाख प्रति कर्मचारी की जाए।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज यूनियन के जिला अध्यक्ष रमेश गरासिया, जिला महासचिव सुनील शर्मा, ललित कुशवाहा, मुकेश नागदा, शैलेंद्र सिंह ठाकुर, मोहित सैनी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।