नीमच। जिले के जिलाधीश ने प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली और श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख महाविया को भारतीय मजदूर संघ के 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन (6-8 फरवरी 2026, पुरी, उड़ीसा) में पारित प्रस्तावों पर आधारित ज्ञापन प्रस्तुत किया।
अधिवेशन में देशभर के श्रमिकों के ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इससे पूर्व, संघ के प्रतिनिधि मंडल ने श्रम मंत्री से मुलाकात कर प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिस पर मंत्री ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
मुख्य मांगें-
- सभी श्रमिकों और सेक्टरों के लिए श्रम कानूनों का बिना किसी छूट के लागू होना।
- इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 एवं ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में श्रमिकों की चिंताओं का समाधान।
- त्रिपक्षीय तंत्र का पुनरुद्धार, इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस का तुरंत आयोजन और विपक्षीय समितियों का पुनर्गठन।
- EPS 25 के तहत न्यूनतम पेंशन में वृद्धि: 10/- से 100/- प्रति माह महंगाई भत्ते सहित।
- EPF में अनिवार्य अंशदान के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 15,000/- रुपए और ESIC कवरेज सीमा बढ़ाकर 42,000/- रुपए प्रतिमाह।
ज्ञापन में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य-
पूर्व संस्थापक सदस्य पारसमल पटवा, जिलाध्यक्ष नितिन साहू, जिला मंत्री सुभाष कुमावत, कोषाध्यक्ष राजेश पोरवाल, संगठन मंत्री जगदीश बागड़ी सहित अन्य सदस्य और विभिन्न श्रमिक संघों के अध्यक्ष।
ज्ञापन पत्र श्रमिकों के हितों और सामाजिक न्याय के लिए उनकी आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करता है और सरकार से तत्काल कार्यवाही की अपील करता है।