मनासा। देवरी खवासा में गुर्जर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथा में पापी अजामिल के उद्धार, रुक्मणी हरण एवं रुक्मणी विवाह जैसे भावपूर्ण प्रसंगों का वाचन किया गया। कथावाचक पंडित मुकेश व्यास (नगर पिपलिया वाले) के मुखारविंद से कथा का रसपान कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान अजामिल प्रसंग में भगवान की कृपा और नाम-स्मरण की महिमा को विस्तार से बताया गया, वहीं रुक्मणी हरण और विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं में भक्ति और उत्साह का संचार किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति रही, जिन्होंने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।
ऐसे धार्मिक आयोजनों से गांव में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होता है और लोगों में धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है। आयोजन को सफल बनाने में समस्त गुर्जर परिवार का विशेष योगदान रहा।