मनासा। नगर में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक ओर जारी है, वहीं कई मामलों में अधूरी कार्रवाई को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
बुधवार को नगर परिषद एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रामपुरा रोड स्थित सर्वे क्रमांक 1006 एवं 1007 का सीमांकन कर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 3400 वर्गफीट शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे मुक्त कराया गया। बताया गया कि उक्त भूमि नगर परिषद के अधिग्रहण में है, जहां प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पंप हाउस का निर्माण किया जाना है।
टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। इससे पूर्व भी नगर में शासकीय एवं निजी भूमि के सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में टीवीएस शोरूम से हांसपुर तक जाने वाले पुराने मार्ग को नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। इस मार्ग पर बाहेती कॉलोनी एवं न्यू उषागंज कॉलोनी के कॉलोनाइजरों सहित अन्य लोगों द्वारा अतिक्रमण कर 40 फीट चौड़े रास्ते को मात्र 6-7 फीट तक सीमित कर दिया गया था। शिकायत के बाद प्रशासन ने मार्ग को पुनः खुलवाया, जहां वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य जारी है।
अल्हेड फंटा की कार्रवाई ठंडे बस्ते में
द्वारिकापुरी धर्मशाला के सामने स्थित जगदीश मंदिर की भूमि का भी हाल ही में प्रशासन द्वारा सीमांकन किया गया था। वहीं 26 मार्च को अल्हेड फंटा स्थित सर्वे क्रमांक 278 पर कार्रवाई करते हुए लगभग 25 आरी शासकीय भूमि को मुक्त कराया गया था। हालांकि, आगे जेसीबी से अतिक्रमण हटाने के दौरान मौके पर विवाद की स्थिति बनने से प्रशासनिक टीम को वापस लौटना पड़ा।
प्रशासन द्वारा पुनः कार्रवाई के लिए 30 मार्च की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन उस दिन कोई कार्रवाई नहीं होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां कुछ स्थानों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है, वहीं विवादित मामलों में प्रशासन पीछे हटता नजर आता है, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
इनका कहना-
संजय पाटीदार, सीएमओ मनासा-
उक्त भूमि रामपुरा रोड से लगी हुई नगर परिषद की अधिग्रहित भूमि है, जिस पर प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल बनाई गई थी, जिसे मौके से हटाया गया।
डॉ. सीमा तिवारी, नप अध्यक्ष मनासा-
करीब 3400 वर्गफीट शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है, जहां प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पंप हाउस का निर्माण किया जाना है।