मंदसौर। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बी.एल. बिश्नोई ने बताया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के तहत महिलाओं को सुरक्षित और सुगम कार्यस्थल प्रदान करने के लिए मजबूत शिकायत तंत्र का प्रावधान किया गया है।
अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक के लिए आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) का गठन करना अनिवार्य है। ऐसे सभी शासकीय एवं निजी कार्यालय, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें यह समिति बनाना अनिवार्य होगा।
समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। इसके बाद समिति का पुनर्गठन किया जाना आवश्यक है। पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी को नियुक्त किया जाएगा। यदि वरिष्ठ महिला उपलब्ध न हो तो किसी अन्य कार्यालय से महिला सदस्य को आमंत्रित किया जा सकता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी अशासकीय संस्थाओं को निर्देशित किया है कि वे आंतरिक समिति का गठन करें या पूर्व में गठित समितियों का कार्यकाल पूर्ण होने पर नई समिति का गठन करें तथा उसका She-BOX पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि समिति का गठन नहीं करने या सही तरीके से गठन न होने की स्थिति में अधिनियम की धारा-26(1) के तहत 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।