चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चित्तौड़ खण्ड द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में श्री नारायण सिंह व्यायामशाला, पंचमुखी हनुमान मंदिर, सामरी में ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के चित्तौड़ विभाग कार्यवाह दिनेश चंद्र भट्ट ने कहा कि संगठन के अभाव, सांस्कृतिक आत्महीनता और स्वार्थपूर्ण प्रवृत्तियों के कारण समाज पतन की ओर अग्रसर हुआ। इसी स्थिति को सुधारने हेतु डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना कर संगठन आधारित कार्यपद्धति विकसित की।
उन्होंने कहा कि संघ कार्य एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज को संगठित कर सकारात्मक परिवर्तन लाना है। आपदाओं, आपातकाल तथा विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में संघ की सक्रिय भूमिका रही है।
दिनेश भट्ट ने एकात्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की संस्कृति ‘एकता में विविधता’ नहीं, बल्कि ‘एक से अनेक’ की अवधारणा पर आधारित है। वर्ष प्रतिपदा, मकर संक्रांति एवं चातुर्मास जैसे पर्व एकात्म भाव के प्रतीक हैं।
हिन्दुत्व पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि सत्य, करुणा, शुचिता और तप पर आधारित ‘धर्म मूल्य’ ही भारतीय जीवन का आधार है। शैव, वैष्णव, जैन, सिख, बौद्ध सहित सभी पंथ हिन्दुत्व के व्यापक स्वरूप के अंग हैं।
उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वबोध एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे ‘पंच परिवर्तन’ विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जिला संघ चालक अनिरुद्ध सिंह भाटी एवं खंड संघ चालक कैलाश चंद्र गुर्जर सहित स्वयंसेवक, प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अंत में खंड संघ चालक कैलाश चंद्र गुर्जर ने आभार व्यक्त किया।