चित्तौड़गढ़। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जोधपुर स्थित किसान भवन पावटा में प्रदेशाध्यक्ष भैराराम मांजू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर से पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश संरक्षक मेहकराम विश्नोई, सभाध्यक्ष भूराराम सहारण, मुख्य महामंत्री हरिकिशन यादव, संघर्ष समिति संयोजक जोगेंद्र सिंह मोठसरा, कोषाध्यक्ष कालूराम खटीक सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिला अध्यक्ष गोपाल स्वरूप त्रिपाठी एवं जिला मंत्री गोपेश कोदली ने बताया कि बैठक में नए शिक्षा सत्र में ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में कटौती का विरोध, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू रखने, सेवारत शिक्षकों को TET से मुक्त रखने, स्थानांतरण नीति लागू कर सभी शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति एवं वेतन विसंगतियों के निराकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों के कारण विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिन्हें शीघ्र भरना आवश्यक है। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों में संसाधनों की कमी दूर कर बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में शिक्षकों की डीपीसी शीघ्र कराने एवं कर्मोन्नत विद्यालयों में पद सृजन की मांग भी उठाई गई। संघर्ष समिति संयोजक जोगेंद्र मोठसरा ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रथम चरण में जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देने तथा दूसरे चरण में शिक्षा निदेशालय बीकानेर के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
प्रदेश कार्यकारिणी ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। साथ ही समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ संयुक्त संघर्ष की रणनीति हेतु एक समिति का गठन भी किया गया।
बैठक में संभाग महामंत्री घनश्याम गर्ग, प्रदेश सचिव शिवकुमार कोदली, संयुक्त सचिव हरिओम सिंह शक्तावत, सुरेशचंद्र सालवी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।