नीमच। मध्यप्रदेश तैराकी संघ की महत्वपूर्ण बैठक मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में नीमच जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष अशोक मोदी ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए मनासा में निर्माणाधीन स्विमिंग पूल को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी दिलाने का प्रस्ताव रखा।
27 अप्रैल को आयोजित बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने तैराकी खेल की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक मध्यप्रदेश तैराकी संघ के अध्यक्ष पियूष शर्मा एवं सचिव जय वर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुई।
अशोक मोदी ने बताया कि मनासा में बन रहा स्विमिंग पूल उज्जैन संभाग का सबसे बड़ा पूल होगा। इसकी साइज 25 बाय 50 मीटर है, जो राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि यदि इस सुविधा का सही उपयोग किया जाए तो नीमच जिला बड़े खेल आयोजनों का केंद्र बन सकता है।
30 मई से रीवा में राज्य चौम्पियनशिप-
बैठक में मध्यप्रदेश तैराकी संघ ने 54वीं राज्य तैराकी चौम्पियनशिप की तिथि और स्थान घोषित किया। प्रतियोगिता 30 मई से 3 जून 2026 तक रीवा स्थित मिहिर सेन तरणताल, सिविल लाइंस में आयोजित होगी।
वेब पोर्टल पर मिलेगी जानकारी-
संघ ने निर्णय लिया कि चौम्पियनशिप से जुड़े सभी नियम, दिशा-निर्देश और पॉलिसी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों, कोच और जिला इकाइयों को एक ही स्थान पर पूरी जानकारी मिल सके।
चयन में टाइमिंग को प्राथमिकता-
खिलाड़ियों के चयन को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत दूसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी का चयन उनके क्वालीफाई टाइम के आधार पर किया जाएगा।
प्रशिक्षण शिविरों की तैयारी-
तैराकी को सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सभी जिला इकाइयों के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें नए कोच और लाइफ गार्ड को प्रशिक्षित किया जाएगा।
एफीलेशन फीस बढ़ी-
संघ ने जिला तैराकी संगठनों की वार्षिक एफीलेशन फीस 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
बैठक में मनासा स्विमिंग पूल को खेल मानचित्र पर स्थापित करने की मांग को सकारात्मक समर्थन मिला, जिससे नीमच जिले में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।