बड़वानी। जिले की कोतवाली पुलिस ने 35 दिनों से फरार चल रहे पिता के हत्यारे आरोपी बेटे को आखिरकार जंगल से गिरफ्तार कर लिया पुलिस की सतर्कता लगातार सर्चिंग और रणनीतिक घेराबंदी के चलते आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाया जानकारी के अनुसार, पिछोड़ी गांव में 19 अप्रैल 2026 को हुए सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी चंदन बड़ोले ने अपने ही पिता जगन बड़ोले की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी घने जंगलों में फरार हो गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
जंगल में बना रखा था ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने जंगल क्षेत्र में पहले से छिपने की तैयारी कर रखी थी। वह मंदिर के आसपास बने अस्थायी ठिकाने पर रह रहा था और रात के अंधेरे में ही बाहर निकलता था। फरारी के दौरान वह साधारण भोजन और जंगल के संसाधनों के सहारे छिपा हुआ था।
मुखबिर सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अमलाली जंगल क्षेत्र के एक मंदिर में छिपा है। सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की कोतवाली, पाटी और सिलावद थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी जैसे ही पुलिस टीम मंदिर के करीब पहुंची, आरोपी छत पर दिखाई दिया। खुद को घिरता देख उसने भागने की कोशिश में मंदिर की छत से छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसके दोनों पैर घायल हो गए। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस की सराहनीय भूमिक
पूरे ऑपरेशन में पुलिस की सतर्कता और संयमित कार्रवाई सराहनीय रही। लगातार 35 दिनों तक जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और टीमवर्क के दम पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन सहित करीब 20 पुलिसकर्मियों की टीम सक्रिय रही। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार और आरोपी की मदद करने वालों की भी जांच कर रही है।
परिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार में जमीन और पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गुस्से में अपने पिता पर गोली चला दी थी। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।