नीमच। जावद तहसील के गांव चिरमीखेड़ा में बंजारा समाज के आराध्य देव श्री रूपसिंह जी महाराज का बोर्ड उखाड़कर फेंकने की घटना के विरोध में गुरुवार को बंजारा समाज का आक्रोश नीमच की सड़कों पर नजर आया। बड़ी संख्या में समाजजन शोरूम चौराहा स्थित अंबेडकर सर्किल से पैदल मार्च करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
जयघोष लगाते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे समाजजन-
आर. सागर कच्छावा के नेतृत्व में निकाले गए पैदल मार्च के दौरान समाजजनों ने श्री रूपसिंह महाराज के जयघोष लगाए। एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद बंजारा रूप सेना संगठन मध्यप्रदेश की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
25 अगस्त की रात बोर्ड उखाड़ने का आरोप-
ज्ञापन में बताया गया कि 25 अगस्त की रात चिरमीखेड़ा में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने समाज के आराध्य देव श्री रूपसिंह जी महाराज का बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। समाजजनों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
विशेष टीम गठित करने की मांग-
समाजजनों ने पुलिस प्रशासन से विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने, उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही प्रशासन की मौजूदगी में बोर्ड को ससम्मान पुनः स्थापित कराने की मांग भी रखी।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी-
समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बंजारा समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। समाजजनों ने पुलिस प्रशासन से धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।