चित्तौड़गढ़। मानव तस्करी विरोधी यूनिट चित्तौड़गढ़ ने कार्रवाई करते हुए कोटा शहर से अपहृत तीन नाबालिग बालकों को चित्तौड़गढ़ शहर से दस्तयाब किया है। तीनों बालक पन्नाधाय प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में कचरा बीनते हुए मिले।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 20 अगस्त 2026 को कोटा शहर के आर.के. पुरम थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बालक अपहृत हो गए थे। इस संबंध में आर.के. पुरम थाने में प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही थी। कोटा पुलिस के साथ मानव तस्करी विरोधी यूनिट कोटा भी बालकों की तलाश में जुटी थी।
इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ मानव तस्करी विरोधी यूनिट को भी नाबालिगों के अपहरण की सूचना मिली। 3 सितंबर को पुलिस निरीक्षक एवं यूनिट प्रभारी सुनीता गुर्जर के निर्देश पर टीम ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, अनाथालय सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान टीम को पन्नाधाय प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में तीन नाबालिग बालक कचरा बीनते हुए मिले। पूछताछ एवं तस्दीक के बाद तीनों को संरक्षण में लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों बालक करीब 15 दिनों से चित्तौड़गढ़ में रहकर कचरा बीन रहे थे।
मानव तस्करी विरोधी यूनिट चित्तौड़गढ़ ने तीनों बालकों को मानव तस्करी विरोधी यूनिट कोटा के एएसआई केशव सिंह एवं सउनि. श्योजीराम के सुपुर्द किया। अब नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम-
कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी यूनिट चित्तौड़गढ़ के एएसआई नटवर पटवा, हेड कांस्टेबल पुखराज सिंह तथा थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ के एएसआई हरवीर सिंह की भूमिका रही।