सरवानिया महाराज। श्री चारभुजा मित्र मंडल, जिला नीमच के तत्वावधान में भगवान चारभुजा नाथ की 36वीं वार्षिक पैदल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत यह यात्रा 14 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। यात्रा का मुख्य दल 14 सितंबर को नीमच से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गढ़बोर (राजस्थान) के लिए रवाना होगा।
यात्रा को लेकर मंडल की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु ‘प्रभु आपकी जय हो’ के जयकारों के साथ पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम और चिकित्सा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं मंडल द्वारा की जाएंगी। मुख्य यात्रा से पहले 12 सितंबर को रतनगढ़ तथा 13 सितंबर को डिकेन और जाट क्षेत्र से भी श्रद्धालु रवाना होकर मुख्य यात्रा में शामिल होंगे।
यात्रा में नीमच सहित रतनगढ़, सिंगोली, जावद, कनेरा, सरवानिया महाराज, डिकेन, रामनगर, मोरवन, जीरन, नयागांव, निम्बाहेड़ा, छोटी सादड़ी, अचारी, सुबी, मन्दसौर, रामपुरा सहित आसपास के अनेक गांवों के श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
धार्मिक भावना के साथ पूरी होगी यात्रा
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से यात्रा को मनोरंजन या सामान्य भ्रमण न मानकर धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा के रूप में पूरा करने की अपील की है। यात्रा के दौरान प्रभु सिमरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होकर मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया गया है।
यात्रियों की सुविधा और अनुशासन को लेकर मंडल ने नियम भी जारी किए हैं। सभी यात्रियों को सड़क के किनारे सतर्कता के साथ चलना होगा और व्यवस्थापकों के निर्देशों का पालन करना होगा। पदयात्रियों को निर्धारित झंडे के पीछे चलने तथा मंडल की ओर से जारी परिचय पत्र हमेशा अपने पास रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों को दो फोटो, दो जोड़ी कपड़े, गर्म कपड़े, दरी, चादर, टॉर्च, साबुन और आवश्यक दवाइयां साथ रखने को कहा गया है। बड़े बिस्तर या अटैची लाने पर रोक रहेगी। यात्रियों को अपने बैग पर नाम, यात्री क्रमांक और गांव का नाम लिखना अनिवार्य होगा। यात्रा के दौरान नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रतिदिन धार्मिक आयोजन
यात्रा के दौरान सुबह 4 बजे उठकर दैनिक कार्यों और स्नान से निवृत्त होने के निर्देश दिए गए हैं। शाम को सुंदरकांड, भजन-कीर्तन और आरती के बाद भोजन प्रसादी का वितरण किया जाएगा। यात्रियों से भोजन एवं नाश्ता वितरण व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की गई है।
वर्षाकाल को देखते हुए श्रद्धालुओं को अनजान एवं गहरे जल में नहीं उतरने तथा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
14 सितंबर से शुरू होगा मुख्य पड़ाव
यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 सितंबर को नीमच-जावद-कनेरा-सरवानिया क्षेत्र से यात्रा नयागांव होते हुए निम्बाहेड़ा पहुंचेगी। इसके बाद 15 सितंबर को ऑवरमाता, 16 सितंबर को सांवरियाजी मंडफिया, 17 सितंबर को शनिदेवजी और आकोला होते हुए फतेहनगर, 18 सितंबर को श्रीनाथद्वारा तथा आगे राजनगर स्थित श्री रामेश्वरम महादेव होते हुए 20 सितंबर को श्रद्धालु श्री चारभुजाजी पहुंचेंगे।
21 सितंबर को श्री रोकड़िया हनुमानजी के दर्शन और 22 सितंबर को एकादशी उत्सव में श्रद्धालु शामिल होंगे। 23 सितंबर को प्रातः 9ः30 बजे प्रसादी ग्रहण करने के बाद दोपहर 12ः30 बजे वापसी होगी।
आयोजकों ने जिले और आसपास के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर भगवान चारभुजा नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।