नीमच। गोगा नवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया वाल्मीकि समाज की ओर से लोक देवता वीर शिरोमणि श्री गोगा देवजी की गोगा नवमी के अवसर पर भव्य चल समारोह निकाला गया। नीमच सिटी, बघाना और छावनी क्षेत्र से करीब 12 निशानों के साथ निकले इस चल समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। डीजे, बैंड और ढोल-ढमाकों के साथ निकले जुलूस से पूरा शहर गोगा देवजी के जयकारों से गूंज उठा।
विभिन्न क्षेत्रों से निकले सभी निशान फव्वारा चौक स्थित महर्षि वाल्मीकि सर्कल पर एकत्र हुए, जिसके बाद सभी निशानों का संयुक्त चल समारोह निकाला गया।वहीं इस दौरान नीमच की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर भी देखने को मिली।
वन्ही चल समारोह के दौरान मुस्लिम समाज के युवा नेता एंव समाजसेवी मकबूल हुसैन मुल्तानी,हसन अली शाह सहित उनकी टीम ने वाल्मीकि समाज के चल समारोह का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान समाजजनों को साफा बांधकर सम्मानित किया गया और गोगा नवमी की दिली शुभकामनाएं दी गईं।
मकबूल हुसैन हसन अली और उनकी टीम के इस आत्मीय स्वागत की मौजूद लोगों ने सराहना की। इस दौरान दोनों समाजों के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे, एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया, साथ ही मकबूल हुसैन हसन अली ने कहा कि त्योहार और धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। नीमच की पहचान हमेशा आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के लिए रही है।
सभी समाजों को एक-दूसरे के सुख-दुख और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। वहीं नीमच में आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल भी बन गया।