BREAKING NEWS
Mausam Vibhag Alert: मालवा-उज्जैन संभाग में मानसून पर लगा.. <<     KHABAR : माधव चौक पर छात्रों की गूंज कार्यक्रम का.. <<     KHABAR : महल कॉलोनी में सड़क निर्माण को लेकर.. <<     BIG NEWS : विदाई से पहले एमपी में फिर मेहरबान होगा.. <<     KHABAR : उज्जैन में 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित कर.. <<     KHABAR : पिराना में मृतक के परिवार को मिली 6 लाख.. <<     KHABAR : 1947 से सड़क की राह देख रहा बापचा, सड़क की मांग.. <<     KHABAR : सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ किसान संघ ने.. <<     BIG NEWS : 1,000 मांगने और ब्लैकमेल करने का आरोप, सरपंच.. <<     BIG NEWS : जिले के मनासा-झालावाड़ रोड पर भयानक हादसा,.. <<     NEWS : 76 प्रतिशत युवा इंजीनियर्स के साथ.. <<     NEWS : 50 हजार के इनामी वांछित अपराधी की गिरफ्तारी.. <<     KHABAR : 16 सितंबर से होगा दशलक्षण पर्युषण पर्व का.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     HOROSCOPE TODAY : सिंह, वृश्चिक और मकर राशि वालों को.. <<     KHABAR : भारतीय जनसंघ के दौर से निष्ठावान सेवा का.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 7, 2026, 11:00 am
BIG NEWS : बारिश में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार, नीमच जिले के ग्राम खजुरी के श्मशान घाट की बदहाली ने खोली व्यवस्था की पोल, जिम्मेदारों पर उठे सवाल, पढ़े बद्रीलाल गुर्जर की खबर 

Share On:-

मनासा। आसमान से बरसता पानी... सामने चिता... और उसे बारिश से बचाने के लिए अपने हाथों से तिरपाल थामे खड़े ग्रामीण। मनासा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खजुरी में राधाकिशन पाटीदार के अंतिम संस्कार का यह दृश्य व्यवस्था के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी गांव और समाज के बीच बिताई, उसकी अंतिम विदाई के समय भी ग्रामीणों को सुरक्षित छत तक नसीब नहीं हुई। लगातार बारिश के बीच ग्रामीण तिरपाल संभालते रहे और उसी के नीचे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। यह तस्वीर अब पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

श्मशान घाट की बदहाली या जिम्मेदारों की अनदेखी?
ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट की बदहाल स्थिति को लेकर पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार शिकायत एवं आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों ने पंचायत के पूर्व सचिव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में लंबे समय तक पदस्थ रहे पूर्व सचिव पर कथित रूप से फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपए की राशि निकालने और ट्रांसफर करने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विकास के दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल-
गांव में विकास और सुविधाओं के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी यदि ग्रामीणों को बारिश में तिरपाल थामकर खड़ा होना पड़े, तो सवाल उठना लाजिमी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से श्मशान घाट की स्थिति सुधारने की मांग की जा रही है। इसके बावजूद स्थायी शेड, पर्याप्त व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

अब प्रशासन के सामने चुनौती-
राधाकिशन पाटीदार के अंतिम संस्कार की तस्वीर ने वर्षों से चली आ रही समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करेगा? क्या श्मशान घाट की बदहाली दूर करने के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? और क्या ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाएं मिलेंगी?

बारिश में तिरपाल के नीचे हुआ यह अंतिम संस्कार सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि गांव की व्यवस्था पर उठता बड़ा सवाल बन गया है। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE