कुकड़ेश्वर। आस्था, विश्वास और श्रद्धा के साथ बाबा रामदेवरा की ओर पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कुकड़ेश्वर-मनासा मुख्य मार्ग पर शनि देव मंदिर एवं मंगल वाटिका के समीप राम रसोड़ा संचालित किया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में पैदल यात्री एवं अन्य श्रद्धालु पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं और चाय, पानी, नाश्ता एवं भोजन का लाभ ले रहे हैं।
यह राम रसोड़ा कुकड़ेश्वर के समीप ग्राम साकरियाखेड़ी निवासी जीतमल भूरालाल वागरी एवं उनके परिवार द्वारा स्वप्रेरणा से लगातार पांच वर्षों से संचालित किया जा रहा है। परिवार अपने स्तर पर राम रसोड़े का पूरा खर्च वहन कर प्रतिदिन 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था कर रहा है।
राहगीरों को रोककर करते हैं भोजन की मनुहार-
राम रसोड़े की खास बात यह है कि वागरी परिवार के सदस्य सड़क से गुजरने वाले पैदल यात्रियों के साथ-साथ दुपहिया एवं अन्य वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी रोककर हाथ जोड़कर भोजन के लिए मनुहार करते हैं। श्रद्धालुओं को राम रसोड़े में ले जाकर बैठाते हैं और प्रेमपूर्वक भोजन कराते हैं। परिवार की इस सेवाभावना से यात्रियों में भी उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिल रही है।
‘मनुष्य जन्म मिला है तो अच्छी करनी करें’-
राम रसोड़ा संचालक जीतमल भूरालाल वागरी ने कहा कि मनुष्य जन्म मिला है तो हमें अच्छे कर्म करने और पुण्य कमाने का प्रयास करना चाहिए। बाबा रामदेव के भक्तों की सेवा करने से मन को आत्मिक संतोष और तृप्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें पापकर्मों से दूर रहकर पुण्य के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ‘गरीबी में ही फकीरी है।’ वागरी परिवार साधारण परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहा है, लेकिन बाबा रामदेव के प्रति आस्था और विश्वास के चलते श्रद्धालुओं की सेवा का यह संकल्प लगातार पांच वर्षों से निभाया जा रहा है।
13 सितंबर तक जारी रहेगी सेवा-
राम रसोड़े में भादवा बीज से लेकर 13 सितंबर तक श्रद्धालुओं की सेवा निरंतर जारी रहेगी। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु वागरी परिवार के सेवाभाव की सराहना करते हुए आयोजन के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। बाबा रामदेवरा के भक्तों की निस्वार्थ सेवा का यह प्रयास मानवता, श्रद्धा और सेवाभाव की प्रेरणादायक मिसाल बन रहा है।