शामगढ़। तहसील क्षेत्र के ग्राम कुंडला खुर्द से अंतिम संस्कार की व्यवस्था को लेकर एक मार्मिक मामला सामने आया है। रविवार को करीब 65 वर्षीय भूमि बाई प्रजापति का निधन हो गया। परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के मुक्तिधाम लेकर पहुंचे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होते ही तेज बारिश शुरू हो गई। मुक्तिधाम में शेड नहीं होने के कारण लगातार बारिश के बीच चिता पूरी तरह नहीं जल सकी।
चिता जलाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने टायरों के साथ करीब 3 हजार रुपये का पेट्रोल तक जुटाया, लेकिन बारिश लगातार जारी रहने के कारण उनके प्रयास सफल नहीं हो सके। घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता भी खराब-
मृतका के पोते पप्पू प्रजापति ने बताया कि मुक्तिधाम तक पहुंचने वाला रास्ता भी खराब स्थिति में है। इसके अलावा बारिश से बचाव के लिए वहां शेड की व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि मुक्तिधाम में शेड निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक शेड का निर्माण नहीं हो सका है।
20 दिन में चार शव यात्राएं, बारिश में प्रभावित हुए अंतिम संस्कार-
ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 20 दिनों में इस मुक्तिधाम से लगभग चार शव यात्राएं पहुंच चुकी हैं। बारिश के कारण अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम का निर्माण कई महीनों से चल रहा है, लेकिन अभी तक शेड का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
‘आज मेरी दादी की चिता अधूरी जल पाई, जवाबदारी कौन लेगा?’
पप्पू प्रजापति ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज मेरी दादी की चिता अधूरी जल पाई, इसकी जवाबदारी कौन लेगा?”
बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक व्यवस्था के लिए मुक्तिधाम में शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ है। घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि मुक्तिधाम का अधूरा निर्माण जल्द पूरा कराया जाए और बारिश से बचाव के लिए शेड सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।