रतनगढ़। प्रसिद्ध संत एवं कथाकार पंडित कमल किशोर जी नागर को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आने के बाद रतनगढ़ क्षेत्र में गौ-भक्तों और श्रद्धालुओं में रोष है। मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम टप्पा तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार रूपसिंह राजपूत तथा रतनगढ़ पुलिस थाने में सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
सत्संग कार्यक्रम में मिली भेंट सामग्री के बीच पत्र-
ज्ञापन में बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को झाबुआ जिले के भूराडाबरा (माछलिया) स्थित श्री गुरु कृपा शबरी गौशाला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रात्रिकालीन सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान संत श्री कमल किशोर जी नागर को सम्मान स्वरूप शाल, श्रीफल एवं अन्य सामग्री भेंट की जा रही थी। इसी सामग्री के बीच एक कथित धमकी भरा पत्र मिलने की बात कही गई है। ज्ञापन में पत्र की भाषा एवं विषय-वस्तु को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
धर्मांतरण और गौ-तस्करी के खिलाफ अभियान का भी उल्लेख-
ज्ञापन में कहा गया कि संत श्री कमल किशोर जी नागर लंबे समय से गौ-संरक्षण सहित धर्मांतरण और गौ-तस्करी के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाते रहे हैं। ज्ञापनकर्ताओं ने आशंका जताई कि उनके सामाजिक एवं धार्मिक अभियानों से असामाजिक तत्व नाराज हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में वास्तविक कारण और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फोरेंसिक जांच और सुरक्षा बढ़ाने की मांग-
गौ-भक्तों ने प्रशासन से धमकी भरे पत्र के हस्तलेख एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी पता लगाने की मांग की गई कि सुरक्षा एवं भीड़भाड़ के बीच पत्र कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा।
ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों का पता लगाने और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके साथ ही संत श्री कमल किशोर जी नागर तथा उनके आश्रम एवं प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी-
ज्ञापन सौंपने के दौरान श्रीमद्भागवत गौशाला समिति रतनगढ़ के अध्यक्ष नारायणलाल धाकड़ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक एवं गौ-भक्त मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन की प्रतियां जिला पुलिस अधीक्षक नीमच, जिला कलेक्टर नीमच और थाना प्रभारी रतनगढ़ को भी त्वरित कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। ज्ञापन का वाचन कन्हैयालाल मालवीय, डिकैन ने किया, जबकि आभार व्यवस्थापक लक्ष्मीचंद सैनी ने व्यक्त किया।