मनासा। ‘जिन पर कृपा राम की होई, वो पत्थर भी तिर जाते हैं’कृइसी अटूट विश्वास और भक्ति भाव के साथ सनातन सत्संग मंडल द्वारा नगर में आयोजित 103वां श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग श्रीरामानुज कोट मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में सनातन परिवारों ने सहभागिता की।
उल्लेखनीय है कि मंदिरों के साथ धर्म, आध्यात्म और संस्कारों को दैनिक जीवन में धारण करने वाले नगरवासियों के बीच सामंजस्य, सद्भाव और एकता को प्रगाढ़ करने के पावन उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के युवा विद्वान, रामराष्ट्र आराधक एवं साहित्याचार्य संत श्री चेतनराम जी की प्रेरणा से इस प्रकल्प की शुरुआत की गई थी। नगरवासियों का विश्वास और समर्थन लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाले इस पाठ एवं सत्संग में बड़ी संख्या में सनातन परिवार सहभागी हो रहे हैं।
103वें पाठ एवं सत्संग का शुभारंभ सनातन सत्संग मंडल के सदस्यों द्वारा श्री लक्ष्मी वेंकटेश भगवान एवं श्री हनुमान जी को माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
भजनों से बंधा भक्तिमय माहौल-
भजन प्रवाह के दौरान अरुण झंवर ने ‘हम तो तेरी शरण में आए श्री बालाजी गोविंदा’ भजन प्रस्तुत कर शरणागति भाव प्रकट किया। राजकुमार मारू ने ‘मरते दम तक सेवा में लगाए रखना’ भजन के माध्यम से अपनी कामना व्यक्त की।
कमल विजयवर्गीय ने ‘अनोखी थारी झांकी, निराली थारी झांकी’ भजन से श्री बालाजी की अद्भुत झांकी का चित्रण किया, वहीं गोपाल राठौर ने ‘मारी हुंडी स्वीकारो महाराज’ के भाव के साथ अपनी अर्जी लगाई।
विजय उपाध्याय ने ‘मेरा हाथ पकड़ ले बाबा, दिल मेरा घबराए’ भजन के माध्यम से अपनी श्रद्धा और विश्वास व्यक्त किया। वहीं ओम सोनी ने ‘जिन पर कृपा राम करे, वो पत्थर भी तिर जाते हैं’ भजन प्रस्तुत कर भक्तों की आस्था को स्वर दिया।
दो वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन-
सनातन सत्संग मंडल ने श्रीरामानुज कोट मंदिर व्यवस्था समिति सहित सभी सनातन परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया। सामूहिक पाठ एवं सत्संग के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी 15 सितंबर, मंगलवार को रात्रि 8 बजे श्री गणेश उत्सव समिति पंडाल, बड़ा बाजार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया गया।