खरगोन। जिले से 25 किलोमीटर दुर स्थित ग्राम रतनपुर में हजरत लतीफ शाह बर्री की दरगाह पर मंगलवार को परंपरागत एक दिवसीय उर्स का आयोजन किया गया। उर्स में आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बाबा की मजार पर चादर पेश कर अमन-चौन और खुशहाली की दुआएं मांगी।
बताया जाता है कि रतनपुर में हजरत लतीफ शाह बर्री का उर्स करीब 200 वर्षों से आयोजित होता आ रहा है। बुजुर्गों के अनुसार पहले यहां तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होता था, लेकिन कोरोना काल के दौरान आयोजन का स्वरूप सीमित हो गया। अब प्रतिवर्ष एक दिवसीय उर्स आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
औरंगजेब के दौर से जुड़ा बताया जाता है इतिहास
स्थानीय लोगों के अनुसार रतनपुर स्थित बाबा की दरगाह काफी पुरानी है मान्यता है कि औरंगजेब रहमतुल्लाह के शासनकाल के दौरान उनका इस क्षेत्र में आगमन हुआ था।
मंगलवार को आयोजित उर्स के दौरान सुबह से ही दरगाह पर जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बाबा की मजार पर चादर पेश की और अपनी मन्नतें मांगीं। कई श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर तुलादान भी किया। इस मौके पर मेरे में दुकानें भी लगी थी।
उर्स में आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पूरे दिन दरगाह परिसर में रौनक बनी रही उर्स के अवसर पर खिदमत कमेटी की ओर से लंगर का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान कमेटी के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। उर्स ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया।