नीमच। गणेशोत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए भारत विकास परिषद, मुख्य शाखा नीमच के महिला प्रकोष्ठ द्वारा बुधवार को जवाहर नगर स्थित योगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में ‘मिट्टी के गणेशजी बनाओ कार्यशाला’ आयोजित की गई। कार्यशाला में बच्चों और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने हाथों से ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं।
महिला प्रकोष्ठ प्रमुख सुनीता चौधरी ने बताया कि मिट्टी से बनाई गई इन प्रतिमाओं का घर में गमले में ही विसर्जन किया जा सकता है। प्रतिमाओं में अपराजिता सहित विभिन्न पौधों के बीज भी रखे गए हैं, ताकि गणेश प्रतिमा के मिट्टी में विलीन होने के बाद उसी स्थान से पौधा अंकुरित हो सके। इस पहल का उद्देश्य आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर पहुंचाना है।
कार्यक्रम में सुचित्रा दिलीप सिंह परिहार ने भी सहभागिता की और स्वयं अपने हाथों से गणेश प्रतिमा बनाई। उन्होंने आयोजन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि अपने हाथों से प्रतिमा बनाने से बच्चों में कला और एकाग्रता का विकास होता है। वहीं, मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन प्रकृति के नियम और जीवन के सहज सत्य को समझने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से प्रेम और सौहार्द के साथ गणेशोत्सव मनाने की अपील की।
कार्यशाला में प्रकल्प संयोजिका माया पोरवाल, सह प्रमुख हेमा गुप्ता, सुनीता सिंहल सहित परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से ‘आस्था ऐसी हो, जो प्रकृति को भी संवार दे’ का संदेश दिया गया।