मनोहर थाना। श्रीराम सन्या घाट विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कैलाश मीणा, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा, बैठक समिति के अध्यक्ष सुरेशचंद खंडेलवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक भंवरलाल मेवाड़ा खेजड़ा द्वारा बैठक की कार्यवाही संपन्न की गई। जिसमें बाल हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई गई तथा आम रास्ता दुरुस्त करने के लिए सीसी रोड करने के लिए पूर्व विधायक कैलाश मीणा को पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव अनिल मेवाड़ा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर चुरेलिया ग्राम पंचायत व ग्राम पंचायत सरेडी दोनों पंचायत के सरपंच उपस्थित रहे। पवन मीणा सरेडी, धर्मेंद्र बैरागी चुरेलिया उपस्थित रहे। सन्या घाट में रहकर सेवा देने वाले भगत देवीलाल का स्वागत समिति के सदस्यों के द्वारा किया गया तथा पूर्व कोषाध्यक्ष हरिशंकर वर्मा का भी स्वागत किया गया। समिति में नए सदस्य जोड़ने पर विचार किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरेड़ी द्वारा एवं चुरेलिया द्वारा लगाए गए मेले की सराहना समिति के सदस्यों ने की।
श्रीराम सन्या घाट विकास के लिए समिति 2001 से निरंतर कार्य कर रही है। सबसे पहले समिति के अध्यक्ष भंवर लाल मेवाड़ा खेजड़ा थे उन्होंने बताया कि सन 1956 में बहुत बड़ा यज्ञ संत श्री मुक्ति दास जी महाराज द्वारा संपन्न हुआ था। उसके बाद 2001 में संत श्री अभिराम दास जी त्यागी हरनावदा शाहजी के द्वारा संपन्न हुआ तथा उस यज्ञ के दौरान माचलपुर के समीप कोडके एमपी वाले संत श्री का आगमन हुआ था। यह मंदिर पौराणिक मंदिर है तथा बुजुर्गों ने बताया है कि भगवान की सेना आई, उसके प्रमाण पद चिन्ह के रूप में सन्या घाट की शिलाखंड के ऊपर पर मौजूद है। मुख्य अतिथि कैलाश मीणा ने समिति द्वारा बताए गए कार्यों को पूर्ण कर जनहित में कार्य करवाने पर जोर दिया। ग्राम पंचायत सरेड़ी तथा चुरेलिया द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के कई कार्यकर्ता मौजूद थे। राजेंद्र वर्मा, हरिमोहन मीणा, बृजमोहन मीणा, पटेल रंगलाल मीणा, महावीर प्रसाद शर्मा, रामदयाल मीणा, प्रभुलाल लोधा, लालचंद गॉड, रामविलास मीणा, अध्यापक गोविंद लोधा, मोतीलाल मेवाड़ा, जगमाल खां, इसराइल का उपसरपंच सचिव सत्यनारायण मीणा, मदनलाल मीणा ,छीत्रलाल मीणा, पूर्व सरपंच रामलाल पारेता, बनकट जैन, साहब महंत मुकेश दास सहित कई अन्य क्षेत्र के कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए सहयोग प्रदान किया।