नीमच। ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार, 18 जुलाई को विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से ग्रीन डे का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हरित जीवनशैली अपनाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व अध्यक्ष, इनर व्हील क्लब नीमच सरोज गांधी रहीं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान से समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा लगाए गए सैकड़ों पौधे आज विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विद्यालय परिवार द्वारा उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं पर्यावरणीय योगदान के लिए उन्हें शॉल, श्रीफल एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिम्मी सलूजा ने की, जबकि हिमांगिनी त्रिवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के विद्यार्थियों ने फल, सब्जियों, पक्षियों, कीट-पतंगों तथा प्रकृति के विविध स्वरूपों की आकर्षक वेशभूषा में रैंप वॉक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
एलकेजी एवं यूकेजी के नन्हे विद्यार्थियों के लिए श्वेजिटेबल मार्केटश् गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने क्रेता एवं विक्रेता की भूमिका निभाते हुए विभिन्न हरी सब्जियों एवं फलों की पहचान की। साथ ही उन्होंने उनके पोषण, उपयोग एवं स्वास्थ्य लाभों से संबंधित रोचक जानकारियां प्राप्त कीं। इस गतिविधि ने बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को मनोरंजक एवं व्यवहारिक बनाया।
वहीं, कक्षा नर्सरी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत श्जंगल डांसश् कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।
संपूर्ण कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य आशुतोष रस्तोगी एवं निर्देशिका डॉ. गरिमा चौरसिया की गरिमामयी उपस्थिति एवं कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए प्रकृति के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण की भावना तथा हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना था। विद्यालय परिवार ने सभी से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनका संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।