जावद। जावद स्थित गोरखनाथ आश्रम के संत श्री मोजनाथ पर कथित हमले एवं आश्रम की भूमि पर कब्जे के प्रयास के विरोध में रविवार को संत समाज का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में साधु-संतों ने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
संत समाज ने आरोप लगाया कि संत श्री मोजनाथ के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया तथा आश्रम की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
संत समाज ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं संबंधित थाने का घेराव कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में विभिन्न जिलों एवं प्रांतों से पहुंचे साधु-संतों ने इस घटना को संत समाज की गरिमा एवं धार्मिक आस्थाओं पर हमला बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की भी मांग की।
चक्काजाम के दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने संत समाज को मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया गया।