शामगढ़। नगर के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रखर कांग्रेस नेता, गौ-सेवक एवं धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्तित्व स्वर्गीय बंसीलालजी सेठिया का निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को समर्पित किया। उनके निधन से शामगढ़ नगर ने अपने एक ऐसे मार्गदर्शक को खो दिया है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।
मूलतः बंबोरी ग्राम निवासी स्व. बंसीलाल सेठिया लंबे समय से शामगढ़ में अपने व्यापार एवं सामाजिक सेवाओं के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान करते रहे। वे बिल्डिंग मटेरियल एवं सीमेंट व्यवसाय से जुड़े थे। उनके पिता स्वर्गीय कन्हैयालाल सेठिया ने अत्यंत साधारण परिस्थितियों में व्यापार की नींव रखी थी, जिसे स्व. बंसीलाल ने अपनी मेहनत, ईमानदारी एवं व्यवहार कुशलता से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ग्राहकों के प्रति आत्मीय व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी पहचान रहा।
स्व. बंसीलाल के निवास एवं प्रतिष्ठान पर प्रतिदिन नगर के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित नागरिकों का मिलन होता था, जहां सामाजिक, धार्मिक एवं जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा होती थी। नगर के अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों की रूपरेखा उनके मार्गदर्शन एवं सानिध्य में तैयार होती थी। वे गायत्री परिवार से गहराई से जुड़े हुए थे तथा हरिद्वार सहित विभिन्न आध्यात्मिक शिविरों में नियमित सहभागिता करते थे। उन्होंने जीवनभर अनुशासित एवं आदर्श जीवन शैली को अपनाया।
राजनीतिक क्षेत्र में भी उन्होंने कांग्रेस के एक समर्पित कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ नेता के रूप में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा एवं जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव अनुकरणीय रहा। सामाजिक समरसता एवं जनहित के कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
स्व. बंसीलाल आजीवन गौ-सेवा के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने अपने निजी कुएं पर गौमाता की सेवा कर जीवनभर पुण्य एवं सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। पोरवाल समाज की विभिन्न संस्थाओं, चैरिटेबल ट्रस्ट, महासभा एवं अन्य सामाजिक संगठनों को उन्होंने तन, मन एवं धन से सहयोग प्रदान किया। उनका मार्गदर्शन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहा।
उनका वैवाहिक संबंध स्वर्गीय भवानीशंकर धनोतिया परिवार से था। वे स्वर्गीय पूरालाल धनोतिया एवं गोविंद प्रसाद धनोतिया के जियाजी थे। उनके बड़े भाई स्वर्गीय राजमल सेठिया का भी दो माह पूर्व लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, वहीं उनकी धर्मपत्नी का भी हाल ही में स्वर्गवास हो गया। अल्प समय में परिवार पर आए इन असहनीय वज्रपात ने सभी को भावुक कर दिया है।
उनके सुपुत्र माणकलाल (श्याम) सेठिया एवं श्याम सेठिया आज अपने पिताजी के आदर्शों एवं संस्कारों का पालन करते हुए व्यापार एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
स्व. बंसीलाल सेठिया का व्यक्तित्व सेवा, संस्कार, सादगी एवं सामाजिक समर्पण का अद्वितीय संगम था। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति अपने श्रेष्ठ कर्मों एवं विचारों के माध्यम से सदैव समाज के हृदय में जीवित रहता है। उनका जाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की अपूरणीय क्षति है।
पोरवाल समाज शामगढ़, सेठिया परिवार एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से स्वर्गीय बंसीलाल सेठिया को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।