क्षेत्रीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर पूर्व विधायक संपत स्वरूप जाजू ने प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। उन्होंने संसदीय क्षेत्र के मंदसौर ज़िला मुख्यालय पर पासपोर्ट कार्यालय की शुरूआत होने पर बधाई देते हुए कहा कि तत्कालीन विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने मंत्री रहते हुए संसद में घोषणा की थी कि देश के प्रत्येक जिले में पासपोर्ट कार्यालय खोले जाएंगे। उनकी घोषणा के अनुसार मंदसौर संसदीय क्षेत्र में मंदसौर और नीमच दोनों ज़िले पासपोर्ट कार्यालय के लिये पात्र थे और है। किसी भी विभागीय मंत्रालय के मंत्री द्वारा संसद में की गई घोषणा का तुरंत क्रियान्वयन किया जाता हैं और उनको उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहयोग प्रदान करते हैं।
पूर्व विधायक जाजू ने कहा कि देर से ही सही विगत सात वर्षों से संसदीय क्षेत्र में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज्य की घोषणा में पात्र मंदसौर ज़िला मुख्यालय में स्वीकृत पासपोर्ट कार्यालय का शुभारंभ हो गया, इसके लिए बधाई। लेकिन ये दुर्भाग्य हैं कि जो कार्य समय सीमा में होना चाहिये उसे जिस धीमी गति से किया गया उसके लिये जिम्मेदारों को केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष गड़करी से प्रेरणा लेते हुए सार्वजनिक माफ़ी मांगना चाहिए। माफ़ी तो नहीं माँग रहे हैं लेकिन ढीट बन कर श्रेय ले रहे हैं । जय हो, मेरा संसदीय क्षेत्र महान।