नीमच। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में नीमच की सड़कें जय जोहार का नारा है, भारत देश हमारा है कि आवाज से गुंजायमान हो उठी। जिले भर से स्थानीय दशहरा मैदान पर बड़ी संख्या में आदिवासी इकट्ठा हुए। विश्व आदिवासी दिवस पर अपनी खुशी का इजहार करते हुए जमकर नाचे। इसके बाद यहां से एक भव्य और विशाल वाहन रैली प्रारंभ हुई जो कि शहर के मुख्य मार्गाे से होते हुए मनासा रोड स्थित शबरी आश्रम पहुंचकर सभा में परिवर्तित होगी। वाहन रैली के दौरान आदिवासी युवाओं के हाथ में जय जोहार और अन्य सामाजिक स्लोगन लिखे हुए ध्वज लहरा रहे थे। एक तीर एक कमान, आदिवासी एक समान, के नारे लगाते युवा आदिवासियों की जय जयकार करते हुए दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर चल रहे थे। रास्ते में भी आदिवासी युवा बैंड नगरों और डीजे की धुन पर जमकर थिरके। जयस के पदाधिकारी सुरेश तावड़ और रोहित राणा ने बताया कि 9 अगस्त को यूएनओ द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस पूरे देश भर में हर्षाेल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश के साढ़े हम दस करोड़ आदिवासियों के लिए यह सबसे बड़ा त्यौहार है। आदिवासी समाज द्वारा निकाले गए जुलूस के दौरान पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। इस अवसर पर बद्री मोहनिया, सुरेश भील, राजकुमार खराड़ी ,पवन भूर, शिवलाल सरपंच,लोकेश, अनिल, भेरूलाल, दीपक, श्यामलाल, महेंद्र, लालचंद, सूरज,सोनू और बड़ी संख्या में आदिवासी उपस्थित रहे।