नीमच। जिले में गऊ सेवा दल लगातार अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहा है। शहर हो या आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा बीमार घायल पड़े गौवंश को राहगीरों की सूचना पर रेस्क्यू कर उपचार कर रही है। गऊ सेवा दल टीम के सदस्य 24 घंटे पीड़ित बेजुबान जीव के लिए जी जान से सेवा में तैनात रहते हैं। इसके कई उदाहरण अक्सर देखे जा सकते है।
बात करें सोमवार रात 11 बजे की तो जावद फंटे हाईवे से सूचना मिली की एक नंदी सांड को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार कर घायल कर दिया। वह रोड पर तड़प रहा है। सूचना पर गऊ सेवा दल टीम नीमच अपनी गौ एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुंची और नंदी का तुरंत इलाज कर उसे उपचार शाला लाया गया। इसी दौरान कल सुबह 10 बजे स्कीम नम्बर 9 से सूचना मिली की एक गौ माता नाले मे गिरी हुई थी। टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे व नगर पालिका को सूचना कर जेसीबी बुलाकर गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। जेसीबी की मदद से उपचार शाला लाए व गाय का उपचार किया। बात गायों तक ही सीमित नहीं है। गौ सेवा दल किसी भी पशु पक्षी की सेवा के मामले में सदैव उपलब्ध रहता है। रेल्वे स्टेशन के पास से सूचना मिली की एक वानर का बच्चा नाले मे गिरा हुआ है और चल नहीं पा रहा है। टीम के सदस्य यहां भी तत्काल मौके पर पहुंचे। वानर के बच्चे को नाले से निकाल काफी देर तक उसकी मां को ढूंढा। परंतु बच्चे की मां नही मिली। जिसके बाद वानर को वन विभाग के सुपूर्द किया। इन सेवा कार्यों के दौरान पार्थ जोशी, जोजो ठाकुर, सद्दाम हुसैन, प्रथम प्रजापति, दीपू ग्वाला, वृजेश माली, मनीष योगी, मितेश अहीर, कुन्दन रघुवंशी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।