नीमच। जहां करोड़ों रुपए मेंटेनेंस के नाम से खर्च कर विद्युत विभाग द्वारा विद्युत सप्लाई के सुधार के दावे किए जा रहे हैं। वहीं आए दिन अघोषित दो-दो, तीन-तीन घंटे तक बिजली बंद होने से आमजन विद्यार्थी तथा व्यापारी त्रस्त और परेशान है।
उक्त प्रेस नोट जारी करते हुए पूर्व पार्षद बाबूलाल नागदा ने बताया कि नीमच शहर ही नहीं संपूर्ण नीमच जिले में बिजली मेंटेनेंस के करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद भी कभी भी बिजली बंद हो जाती है, जिसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है ना ही कोई धनी धोरी है।
पूर्व पार्षद नागदा ने बताया कि नीमच शहर में रहते हुए ऐसा प्रतीत होने लगा है कि हम कहीं दूर दराज के गांव खेड़े में रहे निवास कर रहे हैं। अघोषित बिजली कटौती या बंद होने से व्यापारियों को पढ़ने वाले विद्यार्थियों को तथा छोटे-बड़े सभी आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
श्री नागदा ने बताया कि नीमच जिले की बात करें तो यहां बिजली चोरी करवाने में विभाग की भागीदारी से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पूर्व पार्षद नागदा ने बताया कि विभाग के अंदर कई कर्मचारी जिनकी ड्यूटी और कई है तनखा और कहीं से प्राप्त कर रहे हैं वो जिला मुख्यालय पर ही स्थाई रूप से डेरा जमा कर बैठे हैं जो बिजली के मेंटेनेंस के ठेकेदार बने हुए हैं। वही यह डिसाइड करते हैं कि किसके यहां कौन सा मीटर लगाया जाएगा, किसके कहने से एक मीटर लगेगा। विभाग के अंदर यह आम बात हो गई है। यदि हम बात करें तो नीमच में कुछ कर्मचारी उनको मालूम है कि कहां कितनी बिजली खपत होती है उनको कैसे लाभ पहुंचाना है और उनसे अपना हित साधन है।
पूर्व पार्षद नागदा ने यह भी बताया कि एक ही परिसर में लगे हुए बिजली कनेक्शन जिनके एक ही जैसा उपयोग होने पर कम रीडिंग वाले का बिल अधिक और अधिक रीडिंग वाले का बिल कम यह आम बात नीमच विद्युत मंडल की हो गई है। इतना ही नहीं घरेलू कनेक्शन के नाम से व्यावसायिक काम जैसे आटा चक्की लघु उद्योग अवैध रूप से चल रहे हैं, जिनकी जानकारी संबंधित विभाग के मीटर रीडर से लेकर उच्च अधिकारी तक है, पर मंडल के अधिकारी ईमानदार उपभोक्ताओं के यहां जाकर वहां खामियां निकालकर उनको अंतर की राशि का वसूली का नोटिस थमाकर इति श्री कर लेते हैं।
नागदा ने बताया कि एक तरफ तो विभाग से मेंटेनेंस समय पर नहीं हो पा रहा है दूसरी तरफ कमीशन के बड़े खेल के चलते स्मार्ट मीटर शहर के अंदर स्मार्ट मीटर अनट्रेड लोगों से लगवाए जा रहे हैं। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में जितने भी मीटर लगे हैं कोई 2 साल 3 साल 4 साल 5 साल से अधिक समय नहीं हुआ है, पर स्मार्ट मीटर के नाम पर आमजन के साथ छलावा किया जा रहा है। एक तरफ तो आमजन महंगाई की मार से तरस्त और परेशान है बिजली महंगी होने से भारी भरकम बिल भरने में असुविधा महसूस कर रहा है। ऊपर से स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं को और परेशान किया जा रहा है। पूर्व पार्षद नागदा ने बताया कि समय रहते संबंधित विभाग एवं हमारे सम्मानीय जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देकर जनता को राहत प्रदान करें।