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August 23, 2024, 3:02 pm
BIG NEWS: नहीं रहे अहमद नूर जिया साहब, आज होंगे सुपुर्दे ख़ाक, वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने पेश की खिराजे अकीदत, कहा खो दिया हमने रहनुमा, पढ़े खबर

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नीमच मुस्लिम समाज की मशहूर और मारूफ हस्ती हाजी अहमद नूर जिया कामिल साहब आज सुबह करीब 8  बजे इन्तेकाल फ़रम्मा गए वे 95 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे ।
जनाब जिया साहब के नाम से मशहूर हज़रात मनामचीन शिक्षक होने के साथ उर्दू और फ़ारसी के आलिम थे आपने हज़ारो बच्चो को शिक्षित किया, साथ ही समाज उत्थान के काम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे आप कई सामाजिक तंजीमो से जुड़े रहे वही आप शहर में हिन्दू - मुस्लिम भाईचारे की बड़ी मिसाल थे ।
जिनकी मय्यत आज  शाम 4:30 बजे बगीचा नं – 4 घर से ले जायी जाऐगी। और जनाजे की नमाज़ बाद नमाज़ ए असर जामा मस्जिद , नीमच केंट पर अदा की जाऐगी, और सुपुर्द ए ख़ाक महू रोड़, कब्रिस्तान में किया जाऐगा।
जनाब जिया साहब के इन्तेकाल पर अपनी खिराजे अकीदत पेश करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने कहा की "जिया साहब मेरे उस्ताद ही नहीं वरन दीनी तालीम भी मेने उनसे हासिल की उनसे मेने इस्लाम की गहराइयों को जाना और वैसे उस्ताद थे जो मुझे वालिद की तरह मोहब्बत करते थे, उनके इन्तेकाल से अरबी - फ़ारसी का एक युग खत्म हुआ, वे उस पीढ़ी के झंडाबरदार थे जिन्होंने उर्दू तेहज़ीब को ज़िंदा रखा हुआ था, जिया साहब का  जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है, कहा खो दिया हमने रहनुमा, में उनको खिराजे अकीदत पेश करता हूँ।"

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