भगवानपुरा। क्षेत्र ने पलायन का दंश आज भी क्षेत्र के ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा हैं,आपको बता दे कि पलायन इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मुद्दा रहा हैं। ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ तो मिल रहा है। लेकिन उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं करा पाए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि चुनावी सभाओं एवं सामाजिक आयोजनों में लोगों को रोजगार दिलाने के लिए क्षेत्र में उद्योग लगाने की बात करते हैं, लेकिन आज तक क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं कर सके, जिसके कारण हर वर्ष हज़ारों की तादाद में भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से आदिवासी आज के महिला पुरुष अपने बच्चों के साथ गुजरात, महाराष्ट्र सहित मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में पलायन करने को मजबुर हो जाते हैं। भगवानपुरा जनपद क्षेत्र के ग्राम पिपल्याबावड़ी, कड़वापानी, देजला, काबरी, धुलकोट सहित कई ग्रामों से आदिवासी समाज के लोग धीरे धीरे पलायन करते नजर आ रहे हैं। दीपावली का त्यौहार खत्म होने के बाद ग्रामीण अपने रोजगार की तलाश में निकल पड़े, भगवानपुरा बस स्टेंड पर सोमवार दोपहर दो बजे रोजगार की तलाश में जा रहे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में रोजगार नहीं होने के चलते परिवार सहित पलायन करने को मजबुर हैं। वहीं बच्चों को भी उनके मां बाप अपने साथ ले जा रहे है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षकों द्वारा सही ढंग पढ़ाई नहीं कराई जाती हैं। इसलिए बच्चों को भी साथ लेकर जा रहे हैं, क्षेत्र में पलायन का मुद्दा चिंता का विषय बना हुआ हैं। इस और जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान हैं।