खरगोन। जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर नर्मदा विश्रांति आश्रम बीड़ में कार्तिक मास में नर्मदा भक्तों का आगमन बढ़ गया है। यहां विराजित भगवान द्वारकाधीश की कार्तिक में होने वाली काकड़ आरती में भक्तों की संख्या बढ़ रही है।
मंगलवार रात 9 बजे व बुधवार को ब्रम्हमुहूर्त में हुई काकड़ आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बुधवार अल सुबह महिलाएं काकड़ बाती जलाकर आरती में शामिल हुईं। बता दें कि दीपावली पर भगवान द्वारकाधीश की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। जबकि प्रदेश का इकलौता नर्मदा विश्रांति मंदिर इस स्थान पर है।
फिलहाल एकादशी से नर्मदा की परिक्रमा को लेकर पंचकोशी यात्रियों का यहां पहुंचने का सिलसिला जारी है। यहां खरगोन शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं।
51 शक्तिपीठ व द्वारकाधीश है विराजित
नर्मदा विश्रांति मंदिर व आश्रम बीड़ में सालभर श्रद्धालुओं का आगमन बना रहता है। इस नवरात्रि में 51 शक्तिपीठों की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा व दीपावली पर भगवान द्वारकाधीश की शास्त्रोक्त विधान से प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा की गई है। कार्तिक मास में स्नान कर काकड़ आरती का महत्व है।
नर्मदाजी का है विश्राम स्थल
अनुयायियों के मुताबिक यह आश्रम वह स्थान है जो नर्मदा परिक्रमा के मध्य में स्थित है। बीड़ नर्मदा विश्रांति आश्रम में नर्मदा मैया का विश्राम की भावना से उनका मंदिर स्थापित किया गया है।