नीमच। जिले के ग्राम चचोर में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगा देने के कारण एक युवक की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई। युवक का नाम महेश पिता मोहनलाल गायरी है। महेश की तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उसे उदयपुर रैफर करना पड़ा और गीतांजलि हास्पिटल में उसका उपचार कराना पड़ा। इलाज में परिवार द्वारा करीब 5 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
घटना से आक्रोशित परिजनों और समाजजनों ने आज झोलाछाप डॉक्टर विश्वजीत पारे के ख़िलाफ़ नीमच में पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि महेश को कूल्हे पर दाद खुजली हो जाने के चलते 19 सितंबर को चचोर में डॉक्टर विश्वजीत पारे के पास ले गए। जहां डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद महेश को उल्टी होने लगी और ब्लड प्रेशर भी लो हो गया। यहां से रामपुरा शासकीय चिकित्सालय लाया गया जहां से डॉक्टर ने नीमच के लिए रेफर कर दिया। नीमच में निजी चिकित्सालय पर जांच करने के बाद महेश को उपचार के लिए उदयपुर ले जाना पड़ा जहां लगभग चार लाख रुपए महेश के इलाज में खर्च हो गए। परिवार जनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन या एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन दिए जाने से ऐसा हुआ है। जिसकी रिपोर्ट रामपुरा पुलिस थाने पर भी की गई। आज नीमच एसपी कार्यालय पर ज्ञापन देकर मांग की गई है कि डॉक्टर के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए और जो खर्चा परिवार का महेश के इलाज पर हुआ है, उसकी भरपाई करवाई जाए।